न्यूट्रीचार्ज किड्स क्या है?
बच्चो में जंक फूड के चलन के कारण से पोषक तत्त्व भोजन से कम ही मिल पाते है। पोषक तत्वों की कमी से बच्चो का बार-बार बीमार होना, शारीरिक दुर्बलता, पढ़ना और खेलकूद में अरुचि, भोजन में अरुचि, शारीरिक विकास में कमी आदि समस्याँए आमतौर पर पाई जाती है। न्यूट्रीचार्ज किड्स एक डेली हेल्थ सप्लीमेंट है जिसमें 49 पोषक तत्वों का समावेश है जिसमें 3 प्रकार के प्रोटीन (सोया, मट्ठा और दूध), 10 वनस्पति, पूर्व-बायोटिक के साथ विटामिन और खनिज शामिल हैं। बच्चो के लिए मार्किट में उपलब्ध कई ब्रांड्स में प्रोटीन और पोषक तत्वों की मात्रा न्यूट्रीचार्ज किड्स की तुलना में बेहद सामान्य होती है।
न्यूट्रीचार्ज बच्चे क्यों लें? (न्यूट्रीचार्ज किड्स क्यों?)
बच्चे ही परिवार और देश का भविष्य होते हैं। इसलिए बच्चो के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अच्छा पोषण तत्त्व बहुत जरुरी है। हर माता-पिता का सपना होता है कि उसके बच्चे के लिए अच्छा भविष्य हो। इसके लिए परिवार अच्छा स्कूल, ज्यादा फीस सबदता है। लेकिन अच्छा स्कूल और शिक्षा के साथ एक और बहुत जरुरी सामान है जिसे हम कई बार भूल जाते हैं जोकि सम्पूर्ण पोषण है। विश्व स्वास्थ संगठन ने हर उम्र के व्यक्ति के लिए एक निश्चित आहार निर्धारित किया है। जिसमें शिशुओ के आहार का महत्वपूर्ण महत्व है, क्यूंकि शुरुआत के वर्षों में जब हमारा शारीरिक और मानसिक विकास होता है तो अक्सर बच्चो को सम्पूर्ण आहार नहीं मिल पता। जिसके कारण कई परेशानियाँ जीवन के आगामी वर्षो में पता चलती हैं।
कम पोषण पाने वाला हर तीसरा बच्चा भारत में पाया जाता है। WHO के डेटा के अनुसार 5 वर्ष की कम उम्र वाले लगभग 48% बच्चे भारत में कुपोषित पाए जाते है। उनका शारीरिक और मानसिक विकास में कई अर्चन आते हैं। उसने कभी अपनी पूरी क्षमता प्राप्त की ही नहीं। पोषक तत्त्व के पूरक ऐसे बच्चो के शारीरिक और मानसिक विकास और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।
सम्पूर्ण पोषण लेने में चुनौतियाँ? (समग्र पोषण लेने में कठिनाइयाँ?)
आखिर ऐसा क्या कारण है जिसके कारण से बच्चे सम्पूर्ण पोषण नहीं ले पाते हैं। सुबह का तोड़ बच्चे के लिए बहुत जरुरी होता है। ज्यादातर बच्चे ठीक से नाश्ता नहीं करते स्कूल जाने को जल्दी होता है, समय कम रहता है और लगभग 50% बच्चे सुबह नाश्ता खाकर नहीं जाते हैं। जिससे उनका शारीरिक विकास, उत्साह, नई चीज़ों की क्षमता, यादगार और भावनात्मक बुध्दी पर असर पड़ता है। इसके साथ साथ बच्चों के खाने खाने में भी आक्रानी करते है जब उनकी पसंद का खाना ना मिले तो।
इस कारण से अक्सर माँ बाप की शिकायत होती है की बच्चो में उत्साह की कमी होती है, जल्दी थक जाती है, चिड़चिड़े रहती है और अपनी सामान्य क्षमता से ना पढ़ पाते हैं, ना खेल पाते हैं। एक शोध के अनुसार 80% भारतीय माता-पिता ने माना है कि उनके बच्चे को भोजन लेने में आर्नानी करते हैं। और वह यह महसूस करता है कि उनकी बच्चो में ऊर्जा का आभाव है।
भारत की प्रसिद्ध न्यूट्रिशन संस्था एनएनएमबी (नेशनल न्यूट्रिशनल केयरिंग ब्यूरो) के अनुसार स्वस्थ लगने बच्चो में भी 50% से अधिक में विटामिन ए, बी 2, बी 6, सी और फोलिक एसिड की कमी पाई गई है। ये सभी कमियों के कारण देखा गया है की बच्चे का सम्पूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास नहीं हो पाता है। जिससे उन वजन के कमी और शरीर की लम्बाई में भी कमी होती है।
न्यूट्रीचार्ज किड्स के फायदे। (न्यूट्रीचार्ज किड्स के फायदे।)
1.Brain Development: - न्यूट्रीचार्ज किड्स में मौजूद डीएचए, बी-कॉम्प्लेक्स, जस्ता तत्त्व बच्चे के मानसिक विकास में सहायक होता है। डीएचए ब्रेन में याद करने को बढ़ाने, मेमोरी रिटेंशन और मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए सहायक होता है।
2. मजबूत प्रतिरक्षा: - न्यूट्रीचार्ज किड्स में मौजूद 49 आवश्यक पोषक तत्व, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक जैसे अन्य मत्वपूर्ण तत्त्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। बच्चो का बार बार बीमार होना कमजोर इम्युनिटी का परिणाम होता है।
3. शारीरिक विकास: - दूध, सोया और मट्ठा 3 प्रकार के विशेष प्रोटीन न्यूट्रीचार्ज किड्स में मिलाए गए।) इसके साथ साथ मैग्नीशियम, फास्फोरस, एल-लाइसिन, विटामिन-डी, कैल्शियम, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे जरुरी विटामिन और मिनरल्स शारीरिक विकास के लिए आवयशक है।
4. हेल्थकेयर डाइजेस्टिव सिस्टम : - न्यूट्रीचार्ज किड्स में मौजूद प्रोबायोटिक्स जीवित सूक्ष्म जीवाणु बैक्टीरिया लाभ होते हैं। इन्हे लेने से हमारे आंतो में बैक्टीरिया का संतुलन बनाये रखने में मदद मिलती है। जिससे हमारी पाचन प्रक्रिया आसानी से हो जाती है।